बिहार में शिक्षा व्यवस्था और छात्रवृति योजना में बदलाव लाने के लिए हुआ नया आगाज .

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पटना– बिहार की राजधानी पटना में आज ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ हुआ. बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी व लघु सिंचाई व एससी/एसटी कल्याण मंत्री संतोष कुमार सुमन ने उद्घाटन किया. वहीं शिक्षा मंत्री ने आनलाइन स्कॉलरशिप जारी की अगले 15 दिनों में अकाउंट में पैसा मिल जाएगा. और इससे तीन लाख 22 हजार 785 छात्रों को लाभ मिलेगा. वहीं कुल 170 करोड़ 93 लाख रुपए अकाउंट में ट्रांसफर होंगे.

आपको बता दें कि, बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा आज दो कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया. बिहार शिक्षा विभाग ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ एवं आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क के साथ शिक्षा विभाग का एमओयू हस्ताक्षर हुआ. www.Pmsonline.bih.nic.in पोर्टल का शुभारंभ हुआ. एससी-एसटी, पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए पोर्टल का शुभारंभ हुआ. पोर्टल से पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति डीबीटी के माध्यम से छात्रों को देने की सुविधा होगी.


वहीं पोर्टल का शुभारंभ होने से छात्रवृत्ति तय समय में छात्रों को मिलेगी. छात्रवृत्ति योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए नए पोर्टल का उद्घाटन हुआ. नई पोर्टल में मोबाइल के माध्यम से भी आवेदन की प्रक्रिया होगी. नए पोर्टल में आधार से आवेदन कर सकेंगे. नई प्रक्रिया के तहत सारा कार्य ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत किया जाएगा.

शिक्षा मंत्री ने कहा कि आज आगा खान फाउंडेशन और बिहार सरकार के बीच एमओयू पर साइन हुआ. मोबाइल एप्प का अनावरण भी हुआ. आज का दिन पूरे बिहार के लिए खुशी का दिन हैं, क्योंकि पूरे प्रदेश के लिए कल्याणकारी योजना का शुभारंभ आज हुआ है. उन्होंने बताया कि इससे गरीब बच्चों के पढाई में बहुत बड़ा बदलाव आने वाला हैं. दोनों विभाग का आभार व्यक्त किया और NIC का भी आभार जताया.

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मंत्री ने कहा कि प्रदेश के कई छात्रों ने इस योजना और छात्रवृत्ति का लाभ लिया हैं. मूल रूप से यह योजना अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए ही था. लेकिन अब शिक्षा विभाग के साथ समन्वय करके मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आदेश पर इन तीनों को जोड़ा गया. जिससे इस योजना को बेहतर तरीक़े से चलाया जाए. बच्चे सही तरीके से इस योजना का लाभ ले पाए. इसके लिए इसमें सभी प्रकार के प्रमाण पत्रों का वेरिफिकेशन इस पोर्टल के माध्यम से NIC पर हो सकेगा, जो कि विशेष रूप से बिहार के लिए बनाया गया है.

उन्होंने आगे कहा कि NIC का पोर्टल होते हुए स्टेट स्पेसिफिक पोर्टल बिहार के संदर्भ में बनाया गया, जिसकी स्वीकृति केंद्रीय NIC से ली गई. इस पोर्टल के माध्यम से एक महीने के अंदर सभी चीजों की जांच तीनों विभागों के द्वारा होगी और पैसे DBT के माध्यम से सीधा बैंक खातों में जाएगा. गरीब परिवार के बच्चों के लिए यह योजना बहुत कारगर होंगी. इस योजना के लॉन्च होते ही पिछले तीन सालों की रुकी आवेदकों को सीधा क्लियर किया जा सकेगा.

शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार की विलंब प्रक्रिया के कारण छात्रों को लाभ नहीं मिल पाता था. शिक्षा मंत्री ने सभी राज्यों और केंद्र के लिए इस पोर्टल को ट्रेंड सेटर बताया. इस योजना से सरकार कोई शुल्क नहीं लेती लेकीन दूसरे कई राज्यों में इसके लिए शुल्क लिया जाता है. सबसे गरीब एवं निचले परिवार के छात्रों तक को छूने वाली यह योजना है। इससे समाज के गरीब एवं निचले तबके के लोगों को मुख्यधारा में लाता है. हमने शिक्षकों को प्रशिक्षित किया हैं, विद्यालयों के इंफ्रास्ट्रक्चर को बदला है.

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