GANG RAPE| CVN NEWS

बलात्कार के बाद अगर मौत हो जाती है या सामूहिक बलात्कार (Gangrape) होता है तो कानून के इस धारा में होती है सजा !

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यह बहुत शर्म की बात है कि भारत में आय दिन रेप जैसा घिनौना अपराध होता है और इसकी संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है | ऐसी ही एक घटना 16 दिसम्बर 2012 की रात निर्भया के साथ हुई| उस क्रूर हिंसा ने लोगों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया था। सभी इस हैवानियत के खिलाफ खड़े होकर अपना-अपना विरोध जता रहे थे। जगह-जगह कैंडल मार्च से लेकर भूख हड़ताल तक की खबरें मीडिया की सुर्खियां बन चुकी थी। जल्द और सख्त न्याय की मांग में चले एक लंबे संघर्ष के बाद अंततः दोषियों को फांसी की सजा हुई।

इसके बावजूद देश भर में कुछ ऐसे भी लोग थे जो निर्भया के साथ हुए दुष्कर्म के लिए उसे ही कसूरवार ठहरा रहे थे| हमारे देश के आम लोगों की सोच तो जैसी है वैसी है, पर जनप्रतिनिधियों और प्रतिष्ठित हस्तियों के संकीर्ण सोच वाले बयानों, जैसे – “लड़कियों को पढ़ने की जरुरत ही क्या है”, “लड़कों से गलती हो जाती है, लड़के ही तो हैं” , “लड़कियों को उन पुरुषों के साथ बाहर नहीं जाना चाहिए जो उनके रिश्तेदार ना हो”, “ऐसी घटनाएं इसलिए होती हैं क्योंकि लड़कियां छोटे कपड़े पहनती हैं”, “वो हमारी एक लड़की के साथ करेंगे तो हम उनकी हजार लड़कियां उठाएंगे” , से समाज में बलात्कार जैसे जघन्य अपराध के प्रति लोगों में संवेदनशीलता ही खत्म हो गई है। ऐसे वाक्य रेप को और बढ़ावा देते है |

IPC के अंतर्गत कानूनी प्रावधान :

IPC SECTION 376 A

कोई भी व्यक्ति किसी भी महिला के साथ रेप (बलातकार) जैसा दण्डनीय अपराध करता है और इस तरह के कार्य के दौरान महिला को चोट लग जाती है जिससे उसकी मृत्यु हो जाती है या वो वनस्पति हालात (कोमा) में चली जाती है, तो इस प्रकार के अपराध के सिद्ध होने पर इंडियन पीनल कोड के अंतर्गत दोषियों के लिए कठोर सजा का प्रावधान है| जो कि कम से कम 20 साल से लेकर आजीवन तक का कारावास हो सकता है और वह जुर्माने के लिए भी उत्तरदायी होगा|

IPC SECTION 376 D

जब किसी महिला का बलात्कार एक से ज्यादा व्यक्तियों द्वारा किया जायेगा तो वह सामूहिक बलात्कार कहलायेगा| जिस समूह ने महिला के साथ बलात्कार कारित किया उस समूह का हर एक अपराधी बालात्कारी कहलायेगा| इस प्रकार के अपराध के सिद्ध होने पर इंडियन पीनल कोड के अंतर्गत दोषियों के लिए कठोर सजा का प्रावधान है| जो कि कम से कम 20 साल से लेकर आजीवन तक का कारावास हो सकता है और वह जुर्माने के लिए भी उत्तरदायी होगा| एवं पीड़िता के इलाज का सारा खर्च उन्हें जुर्माने के तौर पर देना होगा|

NOTE- आपराधिक कानून (संशोधन) विधेयक 2018 के तहत, अगर पीड़ित की उम्र 12 साल से कम है, तो अपराधी को कम से कम 20 साल की सजा हो सकती है, अधिकतम सजा मृत्युदंड है। 12 साल से कम उम्र की बच्ची के साथ सामूहिक बलात्कार के मामलों में न्यूनतम सजा उम्रकैद और अधिकतम मौत की सजा है।

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कुछ महत्वपूर्ण निर्णय :

निर्भया रेप कांड –

16 दिसम्बर, 2012 की रात निर्भया (बदला हुआ नाम) अपने दोस्त के साथ वापस घर जाने के लिए एक बस में बैठी| उस बस में ड्राइवर सहित 6 पुरुष थे जिनमे से एक नाबालिक था, कुछ दूर चलने के बाद वो लोग निर्भया के साथ छेडख़नी शुरू कर देते है, उसके दोस्त के रोकने पर उसे रॉड से मारकर बेहोश कर दिया जाता है और बारी बारी से निर्भया के .

साथ बुरी तरह दुष्कर्म करते है| बाद में लड़की और उसके मित्र को दक्षिण दिल्ली के इलाके में बस से फेंक देते है।
पुलिस के द्वारा सारे आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया फिर उन्हें तिहार जेल लेकर जाया गया। जहाँ एक ने तिहार जेल सुसाइड कर ली और जो नाबालिक था उसे 3 साल के लिए बाल सुधार केंद्र में भेजा गया| बाकि के चार अपराधियों को सामूहिक बलात्कार, हत्या, हत्या की कोशिश, अपहरण, डकैती के जुर्म में फ़ासी की सजा सुनाई गयी|

शक्ति मिल रेप केस

मुंबई में एक 22 वर्षीय फोटो जर्नलिस्ट महिला जो मुंबई की एक पत्रीका में इंटर्नशिप कर रही थी| उसके साथ मुंबई के शक्ति मिल में एक किशोर सहित पांच लोगों के द्वारा सामूहिक बलात्कार किया गया। तीन दोहराने वाले अपराधियों को 4 अप्रैल, 2014 को मौत की सजा सुनाई गई थी। अन्य दो प्रतिवादियों को जेल में जीवन की सजा सुनाई गई थी।

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– Snehil Narayan

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