कात्यायनी मंदिर | cvn news

कात्यायनी मंदिर को लेकर सरकार का निराशाजनक रवैया !

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खगड़िया – देश के 52 शक्तिपीठों में से एक माता कात्यायनी मंदिर बिहार के खगड़िया जिले में अवस्थित है. इस मंदिर में माता के छठे देवी मां कात्यायनी की पूजा होती है. मान्यताओं के अनुसार अग्नि में देवी ने जब अपनी आहुति दी थी, तो भगवान् शिव उनको लेकर तांडव करने लगे थे. इसी बिच माता का हाथ यहां गिरा था. सदियों पहले जब ये इलाका घनघोर जंगल हुआ करता था तब पशुपालक यहां गाय चराने आते थे. माता का हाथ जहाँ गिरा था वहां गे खुद आकर अपना दूध अर्पित करती है. जिसके बाद यहाँ मंदिर की स्थापना की गई. सोमवार और शुक्रवार को यहां बैरागन लगता है. जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं माता की पूजा करने आते है और दूध चढाने यहाँ पहुँचते है.

लेकिन माता की मान्यता होने और हजारों श्रद्धालुओ के आने के बावजूद राज्य और केंद्र सरकार इसकी शुद्ध नहीं ले रहा है. इस इलाके में आजादी के बाद ही सड़के नहीं है. कई सरकार के आने के बाद भी माता के मंदिर जाने के लिए लोगों को कच्चे रास्तों का सामना करना होता है. इतना ही नहीं बल्कि अपनी जान को जोखिम में डालकर श्रद्धालु यहाँ पूजा करने आते है. भजकतों को यहां आने के लिए खतरनाक परित्यक्त रेल पुल पर से होकर जाना पड़ता है. कोशी नदी और बागमती नदी के ऊपर बने पुल से माता का दर्शन करना भक्तों के लिए आसान नहीं होता है. लेकिन उसके बाद भी भक्त अपनी जान को जोखिम में डालकर माता का दर्शन कर रहे है.

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बहरहाल आस्था के सैलाब के आगे कोई भी बाधा या कठिनाई माता के भक्तों के लिए छोटी पड़ रही है और लोग अपनी हाजिरी लगाने माता के दरबार में हाजिरी लगाने पहुँच जा रहे है.बता दें की बिहार सरकार के निर्देश देने के बाद इस बार मंदिरों में पूजा करने की अनुमति कोरोना के गाइड लाइन के तहत जाने की अनुमति दे दी है. जिसके बाद मंदिरों में श्रध्यालु माता के दर्शनों के लिए पहुँच रहे है.

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